ऋषिकेश अध्यात्म और रोमांचक साहसिक खेलों (Adventure) का एक बेजोड़ मेल है। यहाँ एक तरफ योग आश्रमों की शांति है, तो दूसरी तरफ गंगा की लहरों पर रिवर राफ्टिंग, बंजी जंपिंग और कैंपिंग का रोमांच।
किसने बनवाया / इतिहास
ऋषिकेश आदिकाल से महान ऋषियों और मुनियों की तपस्या स्थली रहा है। आदि शंकराचार्य ने 8वीं शताब्दी में इस पावन भूमि पर कई पवित्र केंद्रों की स्थापना की थी। 1960 के दशक में वैश्विक संगीत बैंड 'द बीटल्स' के यहाँ आने के बाद इसे योग की वैश्विक राजधानी के रूप में प्रसिद्धि मिली।
वर्तमान धार्मिक मान्यता व महत्व
मान्यता है कि इस स्थान पर गंगा मैया अत्यंत शांत और निर्मल रूप में बहती हैं, जिसके किनारे ध्यान लगाने से मन की चंचलता समाप्त हो जाती है। यहाँ की मिट्टी और हवा में आध्यात्मिक स्पंदन है, जो आत्म-अन्वेषण में सहायक माना जाता है।
लक्ष्मण झूला व राम झूला
गंगा नदी के ऊपर बने दो विशाल झूलते हुए लोहे के सस्पेंशन पुल।
त्रिवेणी घाट
ऋषिकेश का सबसे बड़ा घाट जहाँ संध्या समय दिव्य महा गंगा आरती होती है।
नीलकंठ महादेव मंदिर
पहाड़ियों के ऊपर स्थित वह पौराणिक स्थल जहाँ शिवजी ने समुद्र मंथन का विष पिया था।
बीटल्स आश्रम (चौरासी कुटिया)
योग, ध्यान और प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर ऐतिहासिक खंडहर आश्रम।
त्रिवेणी घाट पर प्राणायाम
त्रिवेणी घाट पर शांत गंगा किनारे बैठें, उगते सूर्य का स्वागत करें और प्राणायाम व ध्यान लगाएं।
नीलकंठ महादेव यात्रा
ऋषिकेश से 32 किमी दूर पर्वतों के घने जंगलों के बीच बने नीलकंठ महादेव मंदिर में शिव दर्शन करें।
गंगा में एडवेंचर रिवर राफ्टिंग
शिवपुरी या ब्रह्मपुरी से अनुभवी गाइडों के साथ गंगा की तेज लहरों के बीच रोमांचित करने वाली राफ्टिंग का आनंद लें।
बीटल्स आश्रम व राम झूला
बीटल्स आश्रम की दीवारों पर बनी भित्तिचित्रों (Artworks) को देखें और शाम को राम झूला पुल पर टहलें।
त्रिवेणी घाट दिव्य आरती
घाट पर होने वाली सुमधुर भजन संध्या और वैदिक मंत्रों की गूंज के साथ गंगा आरती में शामिल हों।
📅 बुक करें पवित्र यात्रा
आज ही ऋषिकेश की अपनी दिव्य यात्रा निर्धारित करें।